आरा सदर अस्पताल की खुली पोल: 21 करोड़ की बिल्डिंग, फिर भी जर्जर वार्ड में इलाज को मजबूर माँ-बच्चे! Bihar News 24 :--
Bihar News 24 :--बिहार के स्वास्थ्य विभाग की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर आप हैरान रह जाएंगे। आरा में 100 बेड वाले 'मातृ एवं शिशु अस्पताल' (MCH) का उद्घाटन हुए 6 महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज भी इस आलीशान बिल्डिंग पर ताला लटका है।
🛑 क्या है पूरा मामला?
बीते 10 अगस्त, 2025 को विधानसभा चुनावों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बड़े जोर-शोर से इस अस्पताल का उद्घाटन किया था। जनता को लगा था कि अब जर्जर प्रसूता वार्ड से मुक्ति मिलेगी, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली।
💔 पुराने वार्ड के हालात 'भयावह' हैं:
📍 पुराने वार्ड में न ऑक्सीजन की सही व्यवस्था है, न दवा काउंटर।
📍 जाँच की कोई सुविधा नहीं और इमरजेंसी के वक्त अफरा-तफरी मच जाती है।
📍 भीषण ठंड में खुले वातावरण के कारण नवजात शिशुओं की जान जोखिम में रहती है।
📍 बेड की कमी के कारण एक-एक बेड पर कई महिलाएं रहने को मजबूर हैं।
💸 21.79 करोड़ का 'सफेद हाथी'?
आधुनिक सुविधाओं से लैस इस नए भवन को बनाने में जनता की गाढ़ी कमाई के ₹21.79 करोड़ खर्च हुए हैं। आश्चर्य की बात यह है कि उद्घाटन के 6 महीने बाद भी विभाग यहाँ बिजली और पानी का कनेक्शन तक नहीं करा पाया है! 🤦♂️
❓ प्रशासन का क्या कहना है?
सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिन्हा का कहना है कि बिजली विभाग तार बिछा रहा है और फरवरी के मध्य तक अस्पताल शुरू होने की संभावना है। सवाल यह है कि अगर तैयारी पूरी नहीं थी, तो 6 महीने पहले उद्घाटन का नाटक क्यों किया गया?
📢 हमारी मांग:
प्रतिदिन औसतन 40 प्रसूति महिलाएं यहाँ आती हैं, उनके स्वास्थ्य के साथ यह खिलवाड़ बंद होना चाहिए।
इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सोए हुए प्रशासन की नींद खुले! 🙏
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