क्या एक शादीशुदा आदमी का किसी और औरत के साथ रहना अब कानूनन सही माना जाएगा? इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक नए फैसले ने पूरे देश में तहलका मचा दिया है और लोगों के बीच एक ऐसी बहस छेड़ दी है जो थमने का नाम नहीं ले रही है। अगर आप भी समाज की पुरानी सोच को ही कानून मानते हैं, तो शायद आपको ये खबर हैरान कर देगी क्योंकि कानून की किताब अब कुछ और ही कह रही है।
क्या एक शादीशुदा आदमी का किसी और औरत के साथ रहना अब कानूनन सही माना जाएगा? इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक नए फैसले ने पूरे देश में तहलका मचा दिया है और लोगों के बीच एक ऐसी बहस छेड़ दी है जो थमने का नाम नहीं ले रही है। अगर आप भी समाज की पुरानी सोच को ही कानून मानते हैं, तो शायद आपको ये खबर हैरान कर देगी क्योंकि कानून की किताब अब कुछ और ही कह रही है।
दरअसल मामला ये है कि #allahabadhighcourt ने हाल ही में एक सुनवाई के दौरान साफ कर दिया है कि अगर कोई शादीशुदा पुरुष किसी बालिग महिला के साथ उसकी मर्जी से #liveinrelationship में रह रहा है, तो ये कोई जुर्म नहीं है। इतना ही नहीं, कोर्ट ने तो यहां तक कह दिया कि उस शख्स पर इस बात के लिए कोई पुलिस केस या मुकदमा भी नहीं चलाया जा सकता। तभी तो लोग अब इस फैसले को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
हैरानी की बात तो ये है कि हम अक्सर ये सोचते हैं कि जो समाज की नजर में गलत है, वो कानून की नजर में भी गलत होगा। लेकिन सच तो ये है कि कानून भावनाओं या समाज की सोच पर नहीं चलता। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर कोई काम कानून की धारा के तहत अपराध की श्रेणी में नहीं आता, तो सिर्फ इसलिए कि समाज उसे गलत मानता है, कोर्ट उसे सजा नहीं दे सकता। वैसे देखा जाए तो ये फैसला व्यक्तिगत आजादी की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।
अब आगे क्या होगा ये तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इस #latestnews ने एक बात तो साफ कर दी है कि कानून अब आधुनिक रिश्तों और लोगों की मर्जी को ज्यादा अहमियत देने लगा है। वैसे भी, जब दो बालिग लोग अपनी मर्जी से साथ रहने का फैसला करते हैं, तो उसमें किसी तीसरे का दखल देना अब मुश्किल होता जा रहा है।
📍 इस फैसले को लेकर आपकी क्या सोच है? क्या आपको लगता है कि समाज की नैतिकता को कानून से ऊपर रखा जाना चाहिए या फिर जो कोर्ट ने कहा वही सही है?
👇 अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें और इस मुद्दे पर अपनी बात रखें।
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