महागठबंधन की बड़ी जीत, राजद के सोनू राय ने लहराया परचम आरा-बक्सर MLC उपचुनाव News Bihar 24
महागठबंधन की बड़ी जीत, राजद के सोनू राय ने लहराया परचम आरा-बक्सर MLC उपचुनाव
आरा, भोजपुर,बिहार
बिहार की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है. आरा-बक्सर स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी उपचुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवार और राजद नेता सोनू राय ने शानदार जीत हासिल की है. हालांकि अभी तक चुनाव आयोग द्वारा आधिकारिक रूप से घोषणा होना बाकी है, लेकिन मतगणना केंद्र के अंदर से जो रुझान और आंकड़े सामने आए हैं, उसके अनुसार सोनू राय की जीत अब महज एक औपचारिकता रह गई है.
कांटे की टक्कर में राजद ने मारी बाजी
आरा के गर्ल्स स्कूल स्थित मतगणना केंद्र पर हुई वोटों की गिनती में शुरू से ही मुकाबला बेहद रोमांचक नजर आ रहा था. एक तरफ एनडीए की ओर से जदयू के प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद चुनावी मैदान में थे, जो संदेश विधानसभा के विधायक राधा चरण शाह के पुत्र हैं. वहीं दूसरी ओर, राजद के सोनू राय अपनी किस्मत आजमा रहे थे. सोनू राय के पिता भी पूर्व में आरा-बक्सर क्षेत्र से एमएलसी रह चुके हैं. इस 'बेटों की जंग' में अंततः जनता का समर्थन सोनू राय के पक्ष में जाता दिख रहा है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, सोनू राय लगभग 495 वोटों के अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं और उनकी जीत सुनिश्चित मानी जा रही है.
ईवीएम बनाम बैलेट पेपर पर छिड़ी बहस
सोनू राय की जीत की खबर सामने आते ही राजद कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है. इसी बीच राजद के वरिष्ठ नेताओं ने बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने को लेकर केंद्र सरकार और एनडीए पर निशाना साधा है. राजद नेता आदि रिजवी ने कहा कि यह जीत यह संदेश देती है कि अगर बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं, तो भारतीय जनता पार्टी और एनडीए का देश में जीतना नामुमकिन होगा. उन्होंने ईवीएम की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल उठाते हुए कहा कि पूरी दुनिया में यह तकनीक फ्लॉप हो चुकी है और बैलेट से ही निष्पक्ष चुनाव संभव हैं.
एनडीए के दिग्गज विधायकों की साख को लगा धक्का
राजद नेताओं का कहना है कि यह केवल कन्हैया प्रसाद की हार नहीं है, बल्कि आरा और बक्सर क्षेत्र के उन 11 एनडीए विधायकों की भी हार है जिन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पिछले विधानसभा चुनावों में प्रशासन की मदद से एनडीए ने सीटें जीती थीं, लेकिन बैलेट पेपर के इस चुनाव ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है. राजद का मानना है कि इस जीत ने आगामी चुनावों के लिए एक नया रास्ता साफ कर दिया है और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है.
मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतगणना को लेकर प्रशासन बेहद सतर्क नजर आया. आरा के मतगणना केंद्र पर सुरक्षा की तीन लेयर तैनात की गई हैय केंद्र के अंदर आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सघन जांच की जा रही थी. जैसे-जैसे सोनू राय की जीत की खबरें बाहर आईं, राजद कार्यकर्ताओं ने अबीर-गुलाल उड़ाकर और जश्न मनाकर अपनी खुशी का इजहार करना शुरू कर दिया. फिलहाल सभी की निगाहें चुनाव आयोग के उस अंतिम ऐलान पर टिकी हैं, जिसके बाद सोनू राय को आधिकारिक रूप से विजेता घोषित किया जाएगा.
कांटे की टक्कर में राजद ने मारी बाजी
आरा के गर्ल्स स्कूल स्थित मतगणना केंद्र पर हुई वोटों की गिनती में शुरू से ही मुकाबला बेहद रोमांचक नजर आ रहा था. एक तरफ एनडीए की ओर से जदयू के प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद चुनावी मैदान में थे, जो संदेश विधानसभा के विधायक राधा चरण शाह के पुत्र हैं. वहीं दूसरी ओर, राजद के सोनू राय अपनी किस्मत आजमा रहे थे. सोनू राय के पिता भी पूर्व में आरा-बक्सर क्षेत्र से एमएलसी रह चुके हैं. इस 'बेटों की जंग' में अंततः जनता का समर्थन सोनू राय के पक्ष में जाता दिख रहा है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, सोनू राय लगभग 495 वोटों के अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं और उनकी जीत सुनिश्चित मानी जा रही है.
ईवीएम बनाम बैलेट पेपर पर छिड़ी बहस
सोनू राय की जीत की खबर सामने आते ही राजद कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है. इसी बीच राजद के वरिष्ठ नेताओं ने बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने को लेकर केंद्र सरकार और एनडीए पर निशाना साधा है. राजद नेता आदि रिजवी ने कहा कि यह जीत यह संदेश देती है कि अगर बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं, तो भारतीय जनता पार्टी और एनडीए का देश में जीतना नामुमकिन होगा. उन्होंने ईवीएम की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल उठाते हुए कहा कि पूरी दुनिया में यह तकनीक फ्लॉप हो चुकी है और बैलेट से ही निष्पक्ष चुनाव संभव हैं.
एनडीए के दिग्गज विधायकों की साख को लगा धक्का
राजद नेताओं का कहना है कि यह केवल कन्हैया प्रसाद की हार नहीं है, बल्कि आरा और बक्सर क्षेत्र के उन 11 एनडीए विधायकों की भी हार है जिन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पिछले विधानसभा चुनावों में प्रशासन की मदद से एनडीए ने सीटें जीती थीं, लेकिन बैलेट पेपर के इस चुनाव ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है. राजद का मानना है कि इस जीत ने आगामी चुनावों के लिए एक नया रास्ता साफ कर दिया है और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है.
मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतगणना को लेकर प्रशासन बेहद सतर्क नजर आया. आरा के मतगणना केंद्र पर सुरक्षा की तीन लेयर तैनात की गई हैय केंद्र के अंदर आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सघन जांच की जा रही थी. जैसे-जैसे सोनू राय की जीत की खबरें बाहर आईं, राजद कार्यकर्ताओं ने अबीर-गुलाल उड़ाकर और जश्न मनाकर अपनी खुशी का इजहार करना शुरू कर दिया. फिलहाल सभी की निगाहें चुनाव आयोग के उस अंतिम ऐलान पर टिकी हैं, जिसके बाद सोनू राय को आधिकारिक रूप से विजेता घोषित किया जाएगा.
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